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जंगल में नक्सलियों का IED हमला, कोबरा बटालियन के दो जवान घायल

SHIDDHANT
14 Dec 2025 10:06 PM IST
जंगल में नक्सलियों का IED हमला, कोबरा बटालियन के दो जवान घायल
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Jharkhand झारखंड: पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने और दुर्गम सारंडा जंगल क्षेत्र में रविवार शाम नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। छोटानागरा थाना क्षेत्र के बलिबा गांव के पास नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) में विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जवानों के पैर पड़ते ही नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए दो आईईडी में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की चपेट में आने से हेड कांस्टेबल अलख दास और हेड कांस्टेबल नारायण दास गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद साथी जवानों ने मोर्चा संभालते हुए घायल जवानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों जवानों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। इस घटना की पुष्टि करते हुए पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट हुआ है, जिसमें दो जवान घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में अभियान जारी है और विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ माना जाता रहा है। घने जंगल, पहाड़ी इलाका और दुर्गम रास्ते नक्सलियों को छिपने और हमला करने में मदद करते हैं। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों के लगातार और प्रभावी अभियानों के चलते नक्सली संगठन दबाव में हैं। इसी दबाव और हताशा के चलते नक्सली इस तरह की कायराना घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ते भी इलाके में भेजे गए हैं ताकि किसी अन्य संभावित आईईडी को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, नक्सलियों द्वारा पूर्व वर्षों में जंगलों की पगडंडियों, रास्तों और संभावित गश्ती मार्गों में बिछाए गए पुराने आईईडी आज भी जवानों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। इन विस्फोटकों की चपेट में आकर पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं और जान गंवा चुके हैं। फिलहाल पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा, कोल्हान और आसपास के इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बलों का कहना है कि नक्सलियों के मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा और अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं कर दिया जाता।
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